योजना को और पारदर्शी बनाने की पहल
भोपाल, 13 सितंबर 2025: मध्य प्रदेश सरकार अपनी लोकप्रिय लाड़ली बहना योजना को और सुदृढ़ करने के लिए लाभार्थियों का ऑडिट शुरू करने जा रही है। इसका मकसद उन अयोग्य व्यक्तियों के नाम हटाना है, जो गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
क्यों जरूरी है ऑडिट?
हाल ही में मिली शिकायतों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इन शिकायतों में कहा गया कि कुछ लोग, जो योजना की शर्तों को पूरा नहीं करते, फिर भी इसका लाभ ले रहे हैं। ऑडिट के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि लाड़ली बहना योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचे।
प्रोत्साहन राशि में होगी वृद्धि
राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि लाड़ली बहना योजना के तहत मासिक प्रोत्साहन राशि को 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया जाएगा। यह बढ़ोतरी दिवाली 2025 के बाद लागू होगी। ऑडिट प्रक्रिया को इस बढ़ोतरी से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
1.26 करोड़ महिलाएं ले रही हैं लाभ
वर्तमान में लाड़ली बहना योजना के तहत 1.26 करोड़ महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। सरकार ने अब तक इस योजना के तहत 41,000 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। यह योजना मध्य प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
अयोग्य लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया
- सार्वजनिक अपील: सरकार पहले अयोग्य लाभार्थियों से स्वेच्छा से अपनी दावेदारी छोड़ने का अनुरोध करेगी।
- विभागीय जांच: इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच होगी, जिसमें अयोग्य नामों को योजना से हटाया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को मिले। इसके लिए पारदर्शी और व्यवस्थित ऑडिट जरूरी है।"
भाई दूज पर मिलेगा तोहफा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि भाई दूज (23 अक्टूबर 2025) के अवसर पर योजना की मासिक राशि को 1,500 रुपये किया जाएगा। इस दौरान 28वीं किश्त के रूप में 1,541 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
भविष्य की योजना: 3,000 रुपये तक प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत प्रोत्साहन राशि को चरणबद्ध तरीके से 3,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। यह कदम महिलाओं के लिए और अधिक आर्थिक सहायता सुनिश्चित करेगा।
योजना का राजनीतिक महत्व
लाड़ली बहना योजना ने 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए गेम-चेंजर की भूमिका निभाई थी। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी, जिसे महिलाओं के बीच काफी लोकप्रियता मिली। यह कदम तत्कालीन कांग्रेस नेता कमल नाथ के 1,000 रुपये मासिक प्रोत्साहन के वादे के जवाब में आया था।
पारदर्शिता और सशक्तिकरण का प्रतीक
लाड़ली बहना योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि मध्य प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करती है। ऑडिट के जरिए सरकार इस योजना को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
