मध्य प्रदेश ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में अपनी स्वच्छता की मिसाल कायम की। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राज्य के आठ शहरों को स्वच्छता पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य मंत्री तोखन साहू और मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित थे।
शहरों का शानदार प्रदर्शन
10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में भोपाल ने दूसरा, जबलपुर ने पांचवां और ग्वालियर ने 14वां स्थान हासिल किया। इंदौर को स्वच्छता लीग में देश का सर्वश्रेष्ठ शहर घोषित किया गया। उज्जैन ने 3-10 लाख जनसंख्या श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि बुधनी 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में अव्वल रहा।
203 शहरों को स्टार रेटिंग
मध्य प्रदेश के 203 शहरों को स्टार रेटिंग मिली, जो पिछले वर्ष के 157 शहरों से 12% अधिक है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर को 7 स्टार, देवास, रीवा और सतना को 5 स्टार, 36 शहरों को 3 स्टार और 161 शहरों को 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।" उन्होंने स्वच्छता कर्मियों, महापौरों और जनता के योगदान की सराहना की।
स्वच्छ भारत मिशन की थीम
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 का थीम "कचरे का सर्वोत्तम उपयोग" रहा। यह सर्वेक्षण स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है। मध्य प्रदेश की इस उपलब्धि ने देश के लिए एक प्रेरणा स्थापित की।
